21.उनकी महफ़िल में

 उनकी महफ़िल में चली बात हमारी हीं थी,

शिकायतों की वो बारात हमारी हीं थी 

भूले  हैं जो राहों का अब हर एक काँटा,

उनको पुष्पों की वो सौगात हमारी हीं थी।।

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