अंक छुपा कर चाँद सितारे बादल करते नाज

दमक दमक कर खूब दामिनी मचल रही है आज

मोर पुकारे हृदय खोलकर सब्र और कितना!

मधुर मनोहर सुखकर मेघा लेकिन धोखेबाज


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