Ap e sapne taj kar
❤️ माँ ❤️
अपने सपने तज कर सारे,
सुखी करे सन्तान को।
फिक्र सदा रहती है सबकी,
खुद से है अनजान वो।
बच्चों की गलती वो सारी,
पलभर में जाती है भूल।
हर लेती सब दुःख बीमारी,
राहों में बरसाए फूल।
'पथिक रचना'
❤️ माँ ❤️
अपने सपने तज कर सारे,
सुखी करे सन्तान को।
फिक्र सदा रहती है सबकी,
खुद से है अनजान वो।
बच्चों की गलती वो सारी,
पलभर में जाती है भूल।
हर लेती सब दुःख बीमारी,
राहों में बरसाए फूल।
'पथिक रचना'
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