53 आवाज़

 नमन भावों के मोती मंच

10/11/2018

🌷आवाज🌷


जब भी तुम आवाज देते हो,

कोई जादू सा छा जाता है...

चाहे कोई भी मौसम हो,

पास ऋतुराज मुस्कुराता है...

कि सर्द धूप में आ जाती है थोड़ी सी तपिश,

ठूंठ में पल्लव सा 

पनप जाता है...

हवाओं में घुली जाती है 

फिर से खुशबू,

मन का अनुराग 

छलक जाता है...

लौट आते है वो दिन

रंग के श्रृंगार के फिर,

मान-मनुहार के दिन 

फिर से लौट आते है...

था प्रतीक्षित कभी जो 

दिन तेरे अभिसार का,

लौट आता है वो दिन

फिर खिले बहार का...


स्वरचित"पथिक रचना"

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