42 yah duniya matlb ki mari

 यह दुनिया मतलब की मारी

मतलब की है  दुनियादारी


माली तो गुलाब है बोता,

बासंती है स्वप्न संजोता।

किंतु भूल जाना काँटे को 

नागफनी सम साबित होता ।।


एक भूल जीवन पर भारी,

मतलब की है नातेदारी ।।



बहते आँसू पलक

कोर से।

छलक रहे दृग जोर जोर से

फाँस दर्द की गले अटकती 

पीड़ा रिसती पोर-पोर से ।।


रखता कोई नहीं उधारी ।

मतलब की हर नातेदारी।।


जिन अपनों को पाला-पोसा,

हमने सुख का थाल परोसा।

रहे कोसते प्रियजन प्यारे

जिनपर हमने किया भरोसा।।


मुखमण्डल है कमल पुष्प सा ।

मन मे रखते तेग दुधारी

मतलब की है  दुनियादारी।।

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