39.muskura kar

 मुस्कुरा कर जिस दिशा की ओर कर दे वो इशारे ।

घोर तम में रोशनी उस ओर से तुझको पुकारे।।


खूब स्वागत कर दुखों का,द्वार पर  जबआगमन हो,

है परीक्षा का समय जब कंटकों से वो गुजारे 


वो !वो जिन्हें विश्वास कम है इष्ट की महती कृपा पर,

बस जरा से कष्ट से ही टूट जाते हैं बिचारे ।।


भक्ति पर करके अटल विश्वास तू निश्चिंत हो जा,

एक दिन प्रभु राम निश्चित आएंगे शबरी के द्वारे।।

बंद सारे रास्ते हों तब दिखाता है नया पथ,

साथ ईश्वर तो भला क्यों संकटों से"पथिक"हारे 

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