28.याद से तेरी भरा है

 याद से तेरी भरा है, मेरे दिल का कोना-कोना 

है सुकूँ से दुश्मनी,बस ख़्वाब की है बात सोना

 

दर्द, पीड़ा, टीस, हसरत और तुम्हारा इंतजार 

रास्ता तेरा निहारुँ, कब सुनो मेरी पुकार 

है बराबर इस जगत में, मेरा होना के ना होना 

है सुकूँ से दुश्मनी,बस ख़्वाब की है बात सोना


सब्र कितना और रख लूँ, यह समझ आता नहीं 

शून्य कैसे भर सकेगा,दिल समझ पाता नहीं ।

आपने जैसे किया हो, मुझ पे कोई जादू-टोना 

है सुकूँ से दुश्मनी,बस ख़्वाब की है बात सोना

 

कर रही हूँ याचना मैं, यूँ ना तुम मुझको भुलाओ,

है प्रतीक्षा श्याम मेरे, शाम को घर लौट आओ 

चाहती हूँ संग तुम्हारे, पूर्णता को प्राप्त होना

है सुकूँ से दुश्मनी,बस ख़्वाब की है बात सोना

याद से तेरी भरा है, मेरे दिल का कोना कोना..

पथिक रचना.

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